सोमवार, 28 नवंबर 2016

इंडियन एक्सप्रेस में निम्बार्क कोट और निम्बार्क जयंती उत्सव

27 दिसंबर को इंडियन एक्सप्रेस में पहले पन्ने पर मंदिर व दरगाहों में नोटबंदी के असर पर खबर प्रकाशित हुई। इस स्टोरी में निम्बार्क कोट और निम्बार्क जयंती का जिक्र है। 





 






























गुरुवार, 24 नवंबर 2016

निम्बार्क आचार्य वृंद जयंती महोत्सव के 173वें समारोह की झलकियां

निम्बार्क आचार्य वृंद जयंती महोत्सव का 173वां समारोह पारंपरिक रीति-रिवाज और धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शनिवार यानी 19 नवंबर को संपन्न हो गया। उत्सव के दौरान गोपाष्टमी की रात को देश में एक हजार व पांच सौ रुपए के नोट बंद करने का एलान हुआ, इसका उत्सव के आयोजनों पर भी असर पड़ा। निम्बार्क छठी को होने वाले भंडारे में इस बार 50 प्रतिशत की कटौती कर दी गई। पूर्णिमा व सवारी में लोगों की संख्या कम रही। तमाम लोगों ने नोटबंदी के बाद भी पुराने हजार-पांच सौ के नोट भेंट में चढ़ाए। सवारी में दिलचस्प किस्से सामने आए। दो स्थानों पर ऐसे लोगों ने 500-500 रुपए भेंट किए जो पिछले सालों तक केवल 10-20 रुपए की भेंट दिया करते थे। हर कार्यक्रम बिल्कुल तय समय पर संपन्न हुए। अभिषेक शाम 6 बजे हुआ। सवारी 4 बजे निकली। भंडारा एक बजे हुआ। पूर्णिमा की समाज में मुखिया रूपकिशोर दास जी ने रंग जमा दिया, अभिषेक यशोदानंदन मंदिर वाले नत्थीलाल जी के सानिध्य में हुआ। रासलीला के दौरान स्वामी अमीचंद जी कुछ दिन अपनी मंडली लेकर बाहर कार्यक्रम करने गए, इस दौरान एक दिन स्वामी फतेह कृष्ण जी ने स्वयं हारमोनियम संभाला। विद्वत सम्मेलन का कार्यक्रम इस बार पहले से ही रद्द था। पूर्णिमा को समाज गायन के उपरांत बुआ की पुस्तक भक्ति संगीत लहरी का गोरेलालजी मंदिर के महंत किशोरदासजी ने लोकार्पण किया। पंचमी को दर्शन सुबह 10 बजे खुले, समाज गायन भी हुआ। कई वर्षों की तुलना में सबसे अच्छा भंडारा हुआ। भंडारे में कटौती का कोई असर नहीं नजर आया। पहली पंगत में ही साढ़े छह सौ लोगों ने बैठकर प्रसाद पाया।








































मंगलवार, 3 मई 2016

अखबारों में निम्बार्क कोट

निम्बार्क कोट के बारे में यूं तो कई बार अखबार में खबरें प्रकाशित होती रहती हैं लेकिन दो साल पहले अमर उजाला और इस साल दैनिक जागरण में निम्बार्क कोट पर फीचर प्रकाशित हुआ।






2015 में देश की विख्यात पत्रिका इंडिया टुडे में कुछ इस तरह छपा था उत्सव के बारे में, शीर्षक था ‘कृष्ण नगरी में राग
वृंदावन के हरिनाम प्रेस से प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका श्री हरिनाम का 465वां अंक जो जनवरी, 2011 में प्रकाशित हुआ, इसमें निम्बार्क कोट को कवर स्टोरी के रूप में शामिल किया गया और कवर पेज पर मंदिर में विराजमान ठाकुर श्री राधारमण लालजी की तस्वीर प्रकाशित हुई।